ganesh sadhna - An Overview
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विश्वास रखो और भगवान से कभी ज्यादा मत मानो क्योंकि वह कभी कम नहीं देता।
सांप को दूध पिलाने से ज़हर ही पड़ता है ना कि अमृत।
लोगों को उसी तरह माफ किया करो जिस तरह आप अपने रब से उम्मीद करते हो कि वह तुम्हें माफ कर देगा।
अच्छा समय अच्छी याद आता है और बुरा समय अच्छी सीख।
अपने आप को दूसरों से बेहतर समझना, अपने गुनाहों को भूल जाना और अपने अल्लाह का जिक्र ना करना, यह तीन चीजें इंसान को मिट्टी में मिला सकती हैं।
सब को सुखी रखना बेशक हमारे हाथों में नहीं है लेकिन किसी को दुखी ना करना यह हमारे हाथों में है।
जब आप किसी से नफरत से बात करो और वह आपको मोहब्बत से जवाब दे तो समझ जाना कि वह आपसे खुद से ज्यादा प्यार करता है।
जिस तरह शबनम के कतरे मुरझाये फूलों की ताजगी देते हैं उसी तरह अच्छे लफ्ज़ लोगों के दिलों को सादगी देते हैं।
अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं जितना की सिखने की कामना ना होना।
कभी भी अपने जिस्म और दौलत की ताकत पर गुमान मत करना क्योंकि बीमारी और गरीबी आने में देर नहीं लगती।
अंधेरे में बैंगन को टमाटर समझ कर खाओगे तो वह तुम्हारे लिए टमाटर ही बन जायेगा।
यह check here मत सोचो कि अल्लाह हमारी दुआ फौरन कबूल क्यों नहीं करता, बल्कि यह सोचो कि हमारे गुनाहों की सजा फ़ौरन नहीं देता।
अतीत के गुलाम नहीं बल्कि भविष्य के निर्माता बनो।
तुम जब किसी को एक भी गाली गुस्से में या मजाक में देते हो तो उससे तुम्हारी कब्र के लिए एक बिच्छू बन जाता है।